Just a few words…

I dunno where I belong to..
I dunno where I should go!
I just wanna stick together…
With you..
Till death.. only with you.
A few words from my tongue
‘Coz my heart won’t say a thing..
Oh dear, it’s the feeling unspoken

No one except you can listen!
Just a few words…
I’m not taking much time from you
I know it’s precious…
Let me only show you the beau,
That I want to be.. and I’m trying so hard
Wonder, if I could make it happen
Will not it be enough for you?
Advertisements

Tears of Old Memories: #प्यारी पुरानी यादें

11th के कुछ किताबें धुंद रही थी। पांच सालों बाद आज जरूरत पड़ी हैं। अपने छोटे भाई के लिए। कुछ दिनों पहले ही admission हुआ है उसका college में।

…….Science stream. बहुत से लोगों को यह या तो career friendly decision लगता हैं या show off. मेरे पापा और उनके पापा, यानी मेरे दादाजी, मेरे बड़े पापा…सभी इसी stream से हैं। दादाजी को मेंने कभी देखा नहीं और बड़े पापा हमारे साथ नहीं रहते। पर पापा से दोनों के बारे में बहुत सुना है मेंने….बचपन से ही। खासकर दादाजी के बारे मे। पापा उनको अपना inspiration मानते थे। थे….सही सोचा….पापा अब बस हमारे यादों में ही है। दो साल हो गए हैं पापा के गुजरने को। वैसे तो घर की हर एक चीज उनकी याद दिलाती हैं पर सबसे ज्यादा यादें तो किताबों से जुड़ी हैं। क्योंकि हमसे कईं ज्यादा time तो वोह इन्हीं के साथ ही गुजारते थे। फिर एक बार याद आ गए थे आज…

पहले ये सारे books सिरदर्द लगते थे। अब सच् कहुँ तो इन्हें देख कर ऑखों में आँसु आ गए हैं। पांच साल….कम नहीं होते। मेरी पूरी college life….up to graduation सब कुछ याद आ रहा था।कहने को तो सिर्फ दो दिन हुए थे final semester का result आए हुए। करीब एक महीना इन्तजार किया था results के लिए। हर दिन जैसे एक कदम दूर जा रही थी college से, friends से….हर उस चीज से जो मेरे व्यक्तित्व को पहचान देती हैं…. Which has made me the person I am today! सब कुछ शुरू से याद आ रहा हैं। एक bright student का image लिए hard work कर के college का pride बनना चाहती थी। हंसी आती है यह सोच कर। और नहीं तो क्या…..एक हफ्ता भी नहीं लगा ये खयाल छोड़ने में।

सबसे पहले Chemistry की textbook हाथ लगी। बहुत अच्छे से याद है के कैसे दर लगता था सबको इस subject से। specially इस भयंकर subject के basics हमारे दिमाग में भरने की पूरी पूरी कोशिश करने वाले lecturers से। सच बोल रही हूँ, बड़े भयानक किस्म के प्राणी थे सारे के सारे। खैर……

Bio is just love! हाँ…अभी के लिए है। पहले उतना भी पसन्द नहीं करती थी। उस time पर कहा पता था कि Zoology ही honor subject होगा मेरा।

Physics के दोनों textbook देखकर सबसे पहले तुनतुन ma’am की याद आई। physics के बारे में कुछ भी बोलो तो उन्हीं की image दिमाग में आती है। Reason? क्योंकि कहीं न कहीं उनकी favorite हुआ करती थी मै। सच्ची…. Optics में मेरा interest था और performance भी काफी अच्छी थी (बाकी के syllabus के मुकाबले)। कैसे मैम मेरी तारीफ किया करती थी… वो भी लड़को से proudly compare कर के! ये सब मेरे लिए exams के marks से कई ज्यादा worthy थी। ये मेरा perspective है, हो सकता है कोई विश्वास न करे पर ऐसा हुआ था। आखिरकार 12th में मुझे 30/30 मिले थे।Full marks की बात हो ही रही है तो latest exam (6th semester) के बारे में कैसे ना mention करुँ। It’s hard to believe के last semester में अपने dept. से मुझे full internal marks मिले हैं। मैंने बिलकुल भी expect नहीं किया था और तो और चाहिए भी नहीं था उतना। बाद में पता चला that I was the only one in the dept. जिस पर इतनी कृपा बरसाई है मैम ने। gosh!

इस college से बहुत कुछ सीखा है मैंने। बहुत कुछ पाया है। ना भूला सकती हूँ और ना ही भूलना चाहती हूँ…. कभी भी।

दोस्तों के साथ गुजारे पल, हसीं-मजाक, सीखना-सिखाना, पढ़ाई की tension लिए बिना मस्ती करना, even लड़ाई-झगड़े वगैरा भी बहुत miss करूंगी। शायद यह वक्त मेरे लिए इतना emotional नहीं होता अगर मैं सिर्फ किताबों पर ही ध्यान देती… अगर departmental magazine पर काम करते वक्त मोना मैम और batch mates के साथ family time spend ना किया होता, ना पल्लव की help और अपने जुगाड़ नाम के superpower से तिन महीने का project work एक हफ्ते में ही complete कर देती, बिना किसी मेहनत और गन्दगी का शिकार बने सारे fishes और insects submit कर पातीं (all thanks to my dearest helping hand पल्लव)।

दुख होता है जब Shillong trip की याद आती हैं। जानती हूं दोबारा हम कभी ऐसे कहीं सफर नहीं कर पायेंगे। ये नाम में भले ही educational excursion trip थी, पर इस दौरान हमने जो सीखा था वोह था दोस्ती का सही मतलब। जिसके बाद हम सब पहले से भी ज्यादा करीब आ गए थे एक दूसरे के। 2019 का 1st half यानी मेरा last semester मेरे दिल के बहुत करीब है और हमेशा रहेंगा।

सबको एक बार दिल से thanks कहना चाहती हूँ… मेरे जिन्दगी के इन पलों को बेहद खुबसूरत और कीमती बनाने के लिए। उम्मीद तो हमेशा मिलकर वक्त गुजारने की ही रहेगी। बस एक ही request है मेरी मेरे दोस्तों से… अगर बहुत याद आती है किसी दिन, तो बिना कोई बहाना बनाये मिलने की पूरी कोशिश करे! I’ll do the same.

अर्ज किया है-

जिन्दगी के तूफानों का साहिल है दोस्ती,
दिल के अरमानो की मंजिल है दोस्ती,
जिन्दगी भी बन जाएगी अपनी तो जन्नत,
अगर मौत आने तक साथ दे दोस्ती।
❤❤❤❤❤❤❤
Create your website at WordPress.com
Get started